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प्रेस विज्ञप्ति

भारत के प्रधान मंत्री के साथ प्रधान मंत्री की बैठक: 18 अप्रैल 2018

प्रधान मंत्री थेरेसा मे भारत के प्रधान मंत्री मोदी के साथ बैठक करेंगी।

यह 2016 to 2019 May Conservative government के तहत प्रकाशित किया गया था

10 डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने कहा:

आज सुबह प्रधान मंत्री ने भारत के प्रधान मंत्री मोदी का द्विपक्षीय वार्ता के लिए डाउनिंग स्ट्रीट पर स्वागत किया। प्रधान मंत्री और प्रधान मंत्री मोदी ने सलिसबरी और सीरिया में हुए रासायनिक हथियारों के हमलों पर चर्चा की, उन्होंने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए, किसी भी परिस्थिति में किसी भी पक्ष द्वारा रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने का विरोध करने अपनी मंशा को स्पष्ट कर दिया।

प्रधान मंत्री ने सलिसबरी में हुए हमले और सीरिया के शासन द्वारा उनके लोगों के खिलाफ बार-बार रासायनिक हथियारों के उपयोग के लिए प्रदान की गई सुरक्षा को रेखांकित करते हुए रूस के हालिया अस्थिर व्यवहार पर यूके की स्थिति को पुनः स्पष्ट किया।

नेताओं ने भारत-प्रशांत क्षेत्र में अपनी साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा की और यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह हमेशा नि: शुल्क और खुला रहे, एक साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

उन्होंने 2016 में भारत के प्रधान मंत्री की भारत यात्रा के बाद से अब तक द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर हुई प्रगति पर और उच्च स्तरीय दौरों और आदान-प्रदान के बाद और भी नजदीकी सैन्य-से-सैन्य संबंध बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कूटनीतिक क्षेत्रों में कई रक्षा क्षमता भागीदारियों के अनुबंध पर अपने विचार रखे। वे आतंकवाद, कट्टरता और ऑनलाइन उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए एक साथ मिलकर काम करना जारी रखने पर सहमत हुए।

उन्होंने कानूनी मामलों पर दोनों देशों के बीच सहयोग पर भी चर्चा की। श्रीमती मे ने चेन्नई सिक्स की यूके वापसी का स्वागत किया।

प्रधान मंत्री ने यूरोपीय संघ से यूके की निकासी की प्रगति पर प्रधान मंत्री मोदी को अपडेट करते हुए कहा कि मार्च तक कार्यान्वयित की जाने पर सहमति भारतीय कंपनियों और निवेशकों को यह भरोसा देती है कि 2020 के अंत तक बाजार का उपयोग वर्तमान शर्तों पर जारी रहेगा।

उन्होंने दोहराया कि यूके वैश्विक मुक्त व्यापार और निवेश के लिए प्रतिबद्ध है और यूके वैश्विक वित्त के लिए प्रमुख केंद्र बना रहेगा। प्रधान मंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिएक्जिट के बाद भी भारत के लिए यूके का महत्व कभी कम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों तक पहुंचने के लिए लंदन भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है ऐर इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

दोनों नेताओं ने कहा कि यूके और भारत के बीच के व्यापार संबंध पिछले कई वर्षों में और भी अधिक सुदृढ़ हुए हैं और प्रधान मंत्री मोदी ने कहा कि ब्रेक्जिट व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने का एक अवसर प्रदान कर रहा है।

प्रधानमंत्रियों ने £1 बिलियन के वाणिज्यिक सौदों का स्वागत किया जिसपर आज ही सहमति दी गई है। उन्होंने व्यापार की बाधाओं को कम करने, दोनों देशों में व्यापार करना आसान बनाने और भविष्य के लिए एक मजबूत द्विपक्षीय व्यापार संबंध गठित करने के लिए यूके-भारत संयुक्त व्यापार समीक्षा की सिफारिशों पर काम करने पर अपनी सहमति जताई।

भविष्य को देखते हुए प्रधान मंत्री और प्रधान मंत्री मोदी ने नए यूके-भारत टेक साझेदारी पर चर्चा की, जिस पर आज ही सहमति बनी है, जिससे हजारों नौकरियां उत्पन्न होंगी और दोनों अर्थव्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण और सार्थक निवेश देखने को मिलेंगे। प्रधान मंत्री ने कहा कि यह साझेदारी अगले दशक में एक साथ मिलकर किए जाने वाले हमारे अधिकांश कार्यो का केंद्र होगा।

अंत में उन्होंने वे कल होने वाले राष्ट्रमंडल प्रमुखों की बैठक को लेकर अपनी तत्परता व्यक्त की और सभी राष्ट्रमंडल नागरिकों के लिए एक और भी अधिक स्थायी, समृद्ध, सुरक्षित और न्यायपूर्ण भविष्य का निर्माण करने के लिए मिलकर काम करने के महत्व पर सहमति दी।

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प्रकाशित 18 अप्रैल 2018